इर्ना की रिपोर्ट के अनुसार नेश्नन और पाकिस्तान टूडे सहित पाकिस्तान के विभिन्न संचार माध्यमों और समाचार पत्रों ने ईरान से तेल की ख़रीदारी में छूट की अवधि न बढ़ाने के अमरीकी सरकार के फ़ैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए लिखा कि अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प के बर्ताव से अमरीकी साम्राज्य का वास्तविक चेहरा सबके सामने आ गया।
भारत से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्र फाइनेन्शल टाइम्ज़ ने ईरान से तेल की ख़रीदारी में छूट की अवधि न बढ़ाने के अमरीकी सरकार के फ़ैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए लिखा कि नई दिल्ली को अमरीकी सरकार के आर्थिक दबाव के आगे झुकना नहीं चाहिए।
इसी प्रकार चीन से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्र साऊथ चाइना ने लिखा कि ईरान के तेल पर प्रतिबंध और तेहरान के तेल के ख़रीददारों को छूट देने की अवधि न बढ़ाए जाने से चीन की अर्थव्यवस्था को भारी नुक़सान पहुंचेगा।
ज्ञात रहे कि अमरीका के विदेशमंत्री माइक पोम्पियो ने सोमवार को परमाणु समझौते से अमरीका के ग़ैर क़ाूननी ढंग से निकलने के एक साल पूरे होने के अवसर पर कहाा कि अमरीका मई 2019 से ईरान के तेल के ख़रीददारों को मिली छूट में वृद्धि नहीं करेगा